राष्ट्र सेविका समिति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार की प्रेरणा और श्रीमती लक्ष्मीबाई केलकर की पहल पर 25 अक्तूबर, 1936 को वर्धा में ‘राष्ट्र सेविका समिति’ की स्थापना हुई थी।

दरअसल, शाखा में जाने से स्वयंसेवक के विचार और व्यवहार में एक बड़ा परिवर्तन होता है। ऐसा ही अनुभव हुआ वर्धा निवासी श्रीमती लक्ष्मीबाई केलकर को, जब उनके बेटे शाखा जाने लगे। इससे उनके मन में यह भावना पैदा हुई कि ऐसा ही संगठन महिलाओं में भी होना चाहिए।

कुछ दिन बाद जब संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार वर्धा आए, तो श्रीमती केलकर ने उनसे भेंट की। डॉ. जी ने उनके विचारों का स्वागत करते हुए उन्हें महिला वर्ग के लिए अलग संगठन बनाने को कहा। डॉ. जी ने कहा कि ये दोनों संगठन रेल की पटरियों की तरह साथ-साथ और एक-दूसरे के पूरक बन कर तो चलेंगे; पर आपस में मिलेंगे नहीं। इस प्रकार विजयादशमी (25 अक्तूबर, 1936) को वर्धा में ‘राष्ट्र सेविका समिति’ की स्थापना हुई। इसकी कार्यशैली संघ जैसी ही है। समिति में भी गुरु का स्थान व्यक्ति की बजाय परम पवित्र भगवा ध्वज को दिया गया है। इसकी शाखा तथा शिविरों में नारियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सबल और समर्थ बनाने वाले कार्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

(मृत्युंजय कुमार झा)

इन्वेस्टमेंट बैंकर और संघ विचारक )

Leave a Reply

I’m Mrrityunjay Kumar Jha

Mrrityunjay Kumar Jha, Mrityanjaykumarjha

Welcome to the official website of Mrrityunjay Kumar Jha, a platform dedicated to sharing articles, insights, and perspectives related to Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS). Through this blog, Mrrityunjay Kumar Jha explores topics, discussions, and developments connected with RSS and its activities.

Let’s connect

Mrityunjay Kumar Jha Mrityunjay Jha Mrrityunjay Jha Mrrityunjay Kumar Jha Mrityunjay Official website of Mrityunjay Kumar Jha.

Discover more from Mrityunjay Jha | Blogger | Official Website

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading